वाशिंगटन में ट्रंप समर्थकों का बवाल, हिंसा में चार की मौत, 15 दिनों तक लगा इमरजेंसी
वाशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हार मानने के लिए तैयार नहीं है, जिसके बाद ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी संसद को बंधक बना लिया. इस दौरान ट्रंप समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई. समर्थकों को रोकने और सांसदों को बचाने के लिए सुरक्षाकर्मयिों को बंदूक निकालनी पड़ी. पूरी घटना में एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई है. चुनावी नतीजों को प्रमाणित करने के लिए बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद अमेरिका में कैपिटल परिसर के बाहर ट्रंप समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद परिसर को लॉकडाउन (प्रवेश एवं निकास बंद) कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि इस झड़प के दौरान एक महिला को गोली भी लगी है, जिससे उसकी मौत हो गई। इधर जो बाइडेन ने कैपिटल बिल्डिंग पर हुए हंगामे को राजद्रोह करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई रिपब्लिकन नेताओं और कैबिनेट अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 20 जनवरी से पहले पद से हटा दिया जाना चाहिए।
अमेरिकी हिंसा पर बोले PM मोदी- लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध प्रदर्शन से प्रभावित नहीं कर सकते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘वाशिंगटन डीसी में हिंसा और दंगों की खबरों से दुख पहुंचा है। सत्ता का ट्रांसफर सही और शांतिपूर्ण ढंग से होना जरूरी है। इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है’।

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